काशीपुर के ढकिया गुलाबो निवासी एक युवक की सरिया और धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। मृतक केभाई की तहरीर पर पुलिस ने सूदखोर समेत दो लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी खबर लिखी जाने तक फरार थे।

ढकिया गुलाबो निवासी टिंकू कश्यप (38) पुत्र स्व. गोकुल सिंह बृहस्पतिवार की शाम 7:35 बजे अपने घर से निकला था। साढ़े आठ बजे के करीब वह मस्जिद के पास खाली पड़े भूखंड में मरणासन्न हालत में पड़ा मिला।

कॉलोनी के लेखराज और खूब सिंह की सूचना पर उसके भाई राजू और महेंद्र आदि मौके पर पहुंच गए।

भाइयों ने टिंकू को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। रात करीब 11 बजे उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर एसआई गणेश पांडे ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। सीओ एपी कोंडे, कोतवाल चंद्रमोहन सिंह, एसएसआई सतीश चंद्र कापड़ी भी टीम के साथ मोर्चरी पहुंच गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के एक पैर में चीरा लगा था और उसके प्राइवेट पार्ट्स में भी चोट थी।

उसकी मौत शरीर पर लगी चोटों के कारण होनी बताई गई है। मृतक के भाई राजू ने पुलिस को तहरीर देकर कॉलोनी के ही वेदप्रकाश और अरविंद पर उसके भाई टिंकू की हत्या का आरोप लगाया।

राजू ने कहा है कि मरने से पहले खुद टिंकू ने उक्त दोनों को उसके साथ हुई घटना के लिए जिम्मेदार बताया था। राजू की तहरीर पर पुलिस ने वेदप्रकाश और अरविंद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक अविवाहित था और अपनी मां रामवती और दो भाइयों राजू और महेंद्र के परिवारों के साथ अपने पैतृक मकान में रहता था। बड़ा भाई सोनू जसपुर में रहता है, जबकि छोटी बहन आरती का विवाह हो चुका है।

ढकिया गुलाबो निवासी टिंकू की हत्या की गई है। मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना के संबंध में साक्ष्य जुटा रही है।

टिंकू की हत्या के साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने बताया कि जिस स्थान पर टिंकू घायल अवस्था में मिला था, उस स्थान की दूरी सड़क से करीब 40 फुट है। ऐसे में सड़क हादसे की थ्योरी किसी भी व्यक्ति के गले नहीं उतर पाई।

घटनास्थल के सामने आधार केंद्र भी है। वहां सीसीटीवी लगे थे जो खराब मिला। पुलिस ने दूसरे कैमरों की फुटेज खंगाली तो कैमरों में 7 बजकर 38 मिनट पर टिंकू पार्षद की चक्की के पास जाता दिखाई दिया।

वहां से घटनास्थल की दूरी करीब 200 मीटर है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस और क्लू खोजने का प्रयास कर रही है।

अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए टिंकू पानी के लिए कराहता रहा लेकिन इलाज के चलते पैरामेडिकल स्टाफ ने उसे पानी देने के मना कर दिया।

उस वक्त टिंकू की मां रामवती भी वहीं थी। बदहवाशी में टिंकू बार-बार पानी मांग रहा था और अपनी मां से उसे बचाने की गुहार लगा रहा था। दो घंटे के अंतराल में घायल टिंकू ने बार-बार पानी मांगा। इलाज के दौरान बगैर पानी के ही उसने दम तोड़ दिया।

हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि रोगी मरणासन्न स्थिति में अस्पताल लाया गया था। ऐसे में यदि उसे पानी दिया जाता तो पानी उसके फेफड़ों में जाने का खतरा था। ऐसी स्थिति में उसे पानी नहीं दिया जा सकता था।

मृतक के भाई राजू का कहना है कि कॉलोनी में ही लकड़ी की टॉल लगाने वाले वेदप्रकाश ने 6 दिन पहले ही उन लोगों को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। राजू का कहना है कि वेदप्रकाश 10 प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर लोगों को रकम उधार देता है।

उसके पास साहूकारी का कोई लाइसेंस भी नहीं है। एक वर्ष पहले उसके भाई महेंद्र ने उससे एक हजार रुपये उधार लिए थे। अब तक वह डेढ़ हजार रुपये से अधिक रकम चुकता कर चुका है लेकिन वेदप्रकाश अभी भी उसके भाई की तरफ 3 हजार रुपये बकाया बता रहा है।

रकम वापस न करने पर वह धमकाता रहता है। 10 अक्तूबर को वेदप्रकाश उसके घर आया और अभद्रता करते हुए तकादा करने लगा। रुपये न होने की बात कहने पर वह उसके भाई महेंद्र के साथ मारपीट करने पर आमादा हो गया।

उसने बीच बचाव कराया तो वेदप्रकाश उन दोनों को अंजाम भुगतने की धमकी देकर चला गया।

 

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