यौन शोषण मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि चिन्मयानंद को रेप पीड़िता का मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों की कॉपी नहीं मिलेगी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आरोपी चिन्मयानंद को बयानों की कॉपी देने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 7 नवंबर 2019 के आदेश के खिलाफ शाहजहांपुर की लॉ छात्रा की अपील पर फैसला सुनाया,

जिसमें कहा गया था कि चिन्मयानंद सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज पीड़िता के बयान की प्रमाणित प्रति पाने के हकदार हैं. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को पलट दिया है.

 

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