प्रशांत भूषण ने दी चुनौती, राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

प्रशांत भूषण ने दी चुनौती, राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को हाल ही में दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अधिवक्ता प्रशांत भूषण के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन' ने आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में नियुक्ति और उनकी सेवा में एक साल के विस्तार को चुनौती दी है। शुक्रवार (06 अगस्त) को एनजीओ सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को 27 जुलाई के आदेश को पेश करने का निर्देश देने का आग्रह किया है, जिसमें गुजरात कैडर से एजीएमयूटी कैडर में राकेश अस्थाना की अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति को मंजूरी दी गई थी।

गुजरात कैडर के साल 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी अस्थाना को 27 जुलाई 2021 को दिल्ली पुलिस के कमिश्नर तौर पर नियुक्त किया गया था। राकेश अस्थान 31 जुलाई 2021 को रिटायर होने वाले थे लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति से चार दिन पहले उन्हें दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाया गया। दिल्ली में पुलिस प्रमुख के तौर पर राकेश अस्थाना का कार्यकाल एक साल का होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अपनी याचिका में कोर्ट से राकेश अस्थाना की सेवा अवधि बढ़ाने के केंद्र के आदेश को रद्द करने की मांग की है। प्रशांत भूषण ने अपनी याचिका में राकेश अस्थान के कार्यकाल के विस्तार के साथ-साथ दिल्ली पुलिस प्रमुख के तौर पर नियुक्ति को भी अवैध बताया है। प्रशांत भूषण ने याचिका में कहा है कि रिटारमेंट से 4 दिन पहले राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त करना अवैध है क्योंकि उनकी नियुक्ति के समय उनके पास अनिवार्य छह महीने की सेवा का शेष कार्यकाल नहीं बचा हुआ था, उन्हें 4 दिन के अंदर ही 31 जुलाई 2021 को सेवानिवृत्त होना था। TNI