काबुल एयरपोर्ट पर गोलीबारी के बाद मची भगदड़, काबुल एयरस्पेस बंद, शिकागो-दिल्ली फ्लाइट को वापस भेजा

काबुल एयरपोर्ट पर गोलीबारी के बाद मची भगदड़, काबुल एयरस्पेस बंद, शिकागो-दिल्ली फ्लाइट को वापस भेजा

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन पर तालिबान ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। तालिबान ने दावा किया है कि आरजकता रोकने के लिए वह काबुल में घुसा है।  इधर, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ चुके हैं। इसके अलावा कई और सांसद भी देश छोड़कर जा चुके हैं। वहीं,  तालिबान विद्रोहियों के डर से आम नागरिक भी अफगान छोड़ रहे हैं, काबुल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखी जा रही है। कई देशों के अधिकारी भी काबुल एयरपोर्ट से रवाना हो रहे हैं।



इसी बीच काबुल एयरपोर्ट पर फायरिंग की खबर है। हालांकि, अभी तक गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट पर हर तरफ भगदड़ की स्थिति मची है। फायरिंग के बाद मची भगदड़ में कई लोगों को घायल होने की भी खबर है। फिलहाल अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया है । सोशल मीडिया पर एक यूजर ने काबुल एयरपोर्ट पर मची अफरा तफरी का वीडियो शेयर किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि बड़ी में लोग इधर उधर भाग रहे हैं, इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।  

इस बीच, अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में फंसे भारतीयों के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिए गए हैं। भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दूतावास अधिकारियों के मोबाइल नंबर 93706131611 और 93705127863 जारी किए गए हैं। इसके अलावा कंधार स्थित काउंसलेट जनरल आफ इंडिया के नंबर 93703750087 पर भी संपर्क किया जा सकता है। साथ ही भारत सरकार ने एयर इंडिया के दो विमानों को स्टैंडबाय पर रहने के लिए कहा है। इनके जरिए काबुल में फंसे भारतीयों को दिल्ली लाया जाएगा। पहला विमान आज 12.30 बजे उडा़न भरेगा।

तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान के हालात को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। अफगानिस्तान के हालात को लेकर  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होने जा रही है।भारतीय समय के अनुसार, शाम साढ़े सात बजे बैठक होगी। बैठक की अध्यक्षता भारत करेगा। 


बैठक की अध्यक्षता के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले से ही न्यूयॉर्क में मौजूद हैं, लेकिन पिछले 24 घंटों के भीतर अफगानिस्तान में जिस तेजी से घटनाक्रम बदला है, उस लिहाज से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि, सबसे अहम सवाल यह है कि इस बैठक में अफगानिस्तान की ओर से प्रतिनिधि कौन होगा और अफगानिस्तान का पक्ष कैसे रखेगा। TNI